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| बिथान प्रखंड के पंचायतों में आयोजित फार्मर आईडी निर्माण शिविर का निरीक्षण करते अनुमंडल कृषि पदाधिकारी। |
बिथान (समस्तीपुर) :
प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में किसानों के लिए चल रहे फार्मर आईडी (एफआर आईडी) निर्माण अभियान में इन दिनों उल्लेखनीय तेजी देखने को मिल रही है। केंद्र एवं राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना को सफल बनाने के उद्देश्य से प्रशासनिक स्तर पर सतत निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में सोमवार को अनुमंडल कृषि पदाधिकारी हरेराम सिंह ने बिथान प्रखंड के कई पंचायतों में आयोजित फार्मर आईडी निर्माण शिविरों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान एसडीएओ ने शिविर स्थलों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं, फार्मर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया, तकनीकी संसाधनों की स्थिति तथा किसानों की सहभागिता की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने मौके पर मौजूद कृषि कर्मियों, किसान सलाहकारों एवं डाटा एंट्री ऑपरेटरों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि पंजीयन कार्य में और तेजी लाई जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों का एफआर आईडी समय पर बनाया जा सके। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि किसी भी किसान को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
शिविरों में किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बैठने की व्यवस्था, छाया, पेयजल, बिजली और इंटरनेट कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर विशेष जोर दिया गया। एसडीएओ ने स्पष्ट निर्देश दिया कि तकनीकी कारणों से कार्य बाधित न हो और यदि किसी किसान के दस्तावेजों में कमी हो तो उन्हें सही मार्गदर्शन दिया जाए, ताकि वे अगली बार आवश्यक कागजात के साथ पुनः शिविर में आ सकें।
अनुमंडल कृषि पदाधिकारी ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्रेशन आईडी सरकार की एक अत्यंत महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से किसानों की वास्तविक पहचान सुनिश्चित की जा रही है। भविष्य में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित अधिकांश कृषि योजनाओं, अनुदान, बीज वितरण, फसल बीमा, कृषि यंत्रीकरण तथा अन्य लाभकारी योजनाओं का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा, जिनका एफआर आईडी पंजीकृत होगा। ऐसे में सभी पात्र रैयत किसानों के लिए एफआर आईडी बनवाना अनिवार्य है।
निरीक्षण के दौरान शिविरों में पहुंचे किसानों ने अपनी समस्याएं भी प्रशासन के समक्ष रखीं। कई किसानों ने बताया कि उनकी भूमि अब भी पूर्वजों के नाम पर दर्ज है और स्वयं के नाम से जमाबंदी नहीं होने के कारण एफआर आईडी बनने में कठिनाई आ रही है। इस पर अधिकारियों ने उन्हें राजस्व से संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी दी और आवश्यक दस्तावेज पूरे कराने का सुझाव दिया। वहीं जिन किसानों की जमाबंदी अपने नाम से है, वे लगातार शिविरों में पहुंचकर सफलतापूर्वक पंजीयन करा रहे हैं।
प्रशासन की ओर से यह प्रयास लगातार जारी है कि पंचायत स्तर पर अधिकतम सुविधा, तकनीकी सहयोग और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए, ताकि कोई भी पात्र किसान फार्मर आईडी से वंचित न रहे। अधिकारियों का कहना है कि जनसहयोग और प्रशासनिक तत्परता से यह अभियान शत-प्रतिशत सफल बनाया जाएगा, जिससे किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के मिल सके।
रिपोर्ट: आकाश कुमार, बिथान समाचार (Bithan Samachar)

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