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वर्ष 2025 की विदाई: बिथान के लिए उपलब्धियों का साल, 2026 में विकास की नई उम्मीदें

  सांसद राजेश वर्मा और विधायक राजकुमार राय फाइल फोटो. बिथान (समस्तीपुर) : ​वर्ष 2025 अपने अंतिम पड़ाव पर है। कुछ ही समय में यह वर्ष विदा हो जाएगा और हम नए वर्ष 2026 में प्रवेश करेंगे। यदि बीते वर्ष पर नजर डालें तो बिथान प्रखंड के लिए यह साल विकास के लिहाज से खट्टी–मीठी यादों के साथ कई ऐतिहासिक उपलब्धियां लेकर आया। ​ 2025 की ऐतिहासिक उपलब्धियां ​रेल परिचालन की शुरुआत: लगभग 50 वर्षों का लंबा इंतजार खत्म हुआ और बिथान से रेल सेवा शुरू हुई, जिसने क्षेत्र के विकास की नई नींव रखी। ​रैक प्वाइंट की अनुमति: बिथान रेलवे स्टेशन को रैक प्वाइंट की मंजूरी मिलना व्यापार और रोजगार के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुआ। ​सांसद राजेश वर्मा का योगदान: सांसद कोटे से चौक-चौराहों पर हाई मास्ट लाइटों की स्थापना और डिग्री कॉलेज के लिए की गई उनकी अनुशंसा ने क्षेत्र को नई रोशनी और उम्मीद दी है। ​नई राजनीतिक ऊर्जा: पूर्व विधायक राजकुमार राय की सफलता ने क्षेत्रवासियों में विकास के प्रति एक बार फिर विश्वास जगाया है। ​ 2026 में बिथान की प्रमुख विकास अपेक्षाएं ​आने वाले वर्ष में बिथान की जनता सांसद राजेश वर्मा और...

बिहार चुनाव के बाद संगठन विस्तार की तैयारी, बंगाल–असम के प्रभारी बने सांसद राजेश वर्मा

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और खगड़िया सांसद राजेश वर्मा  (फाइल फोटो) बिथान ( समस्तीपुर) :  बिहार विधानसभा चुनाव में शत-प्रतिशत स्ट्राइक रेट के साथ अपनी ताकत का लोहा मनवाने वाली लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) अब क्षेत्रीय सीमाओं को लांघकर राष्ट्रीय क्षितिज पर विस्तार के लिए तैयार है। पार्टी के विजनरी राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने संगठन को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। इसी क्रम में, खगड़िया के ऊर्जावान सांसद राजेश वर्मा को पश्चिम बंगाल और असम का चुनाव प्रभारी नियुक्त किया गया है। ​क्यों महत्वपूर्ण है यह जिम्मेदारी? ​राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार के बाहर संगठन विस्तार की योजना पार्टी को एक 'राष्ट्रीय दल' के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। राजेश वर्मा को यह जिम्मेदारी मिलना उनकी कार्यकुशलता और सांगठनिक क्षमता पर नेतृत्व के गहरे भरोसे को दर्शाता है। बंगाल और असम जैसे राज्यों में बिहार मूल के मतदाताओं और श्रमिक वर्ग की एक बड़ी आबादी है, जहाँ लोजपा (आर) अपनी पैठ जमाने की कोशिश में है। ​राजेश ...