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| गांधी मैदान के पास बना मार्केट कॉम्प्लेक्स, उद्देश्य अधूरा। |
रोजगार और व्यवस्थित बाजार का सपना फाइलों में सिमटा, प्रशासनिक उदासीनता बनी बड़ी वजह
प्रखंड मुख्यालय क्षेत्र स्थित बिथान बाजार में गांधी मैदान के समीप वर्षों पूर्व जिस मार्केट कॉम्प्लेक्स का निर्माण स्थानीय व्यापार को बढ़ावा देने, रोजगार सृजन और बाजार व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के उद्देश्य से कराया गया था, वह आज बदहाली का प्रतीक बन चुका है। लाखों रुपये की लागत से बने इस कॉम्प्लेक्स का मूल उद्देश्य अब तक पूरा नहीं हो सका है। वर्तमान स्थिति यह है कि अधिकांश दुकानें बंद पड़ी हैं, कुछ जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी हैं और शेष हिस्सों पर अतिक्रमणकारियों की नजर है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस मार्केट कॉम्प्लेक्स का निर्माण इसलिए किया गया था ताकि सड़क किनारे लगने वाली अस्थायी दुकानों और ठेलों को एक निर्धारित स्थान पर स्थानांतरित किया जा सके। इससे न केवल बाजार में फैल रही अव्यवस्था पर लगाम लगती, बल्कि जाम की समस्या से भी राहत मिलती। साथ ही, नगर और प्रखंड प्रशासन को नियमित राजस्व की प्राप्ति होती। लेकिन समय के साथ दुकानों का विधिवत आवंटन नहीं हो सका और रखरखाव पूरी तरह उपेक्षित रह गया।
अतिक्रमण के कारण आज स्थिति यह है कि मार्केट कॉम्प्लेक्स के आसपास की सड़कें संकरी हो गई हैं। बाजार क्षेत्र में दिन के अधिकांश समय जाम लगा रहता है। पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों का कहना है कि सुबह और शाम के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है। कई बार स्कूली बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं जाम में फंसकर परेशान होते हैं। आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता निकालना भी चुनौती बन जाता है।
हाल ही में आयोजित बीस सूत्री कार्यक्रम एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक में इस गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाया गया। समिति के सदस्यों ने स्पष्ट रूप से कहा कि यदि मार्केट कॉम्प्लेक्स को अतिक्रमण मुक्त कर दिया जाए और दुकानों का पारदर्शी ढंग से आवंटन हो, तो बाजार की तस्वीर बदल सकती है। बैठक में मौजूद स्थानीय विधायक राजकुमार राय ने भी अधिकारियों को निर्देश दिया कि अतिक्रमण हटाने और कॉम्प्लेक्स के जीर्णोद्धार की दिशा में शीघ्र ठोस कदम उठाए जाएं।
हालांकि निर्देशों के बावजूद जमीनी स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है। इससे स्थानीय लोगों में निराशा बढ़ती जा रही है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि केवल अतिक्रमण हटाना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि मार्केट कॉम्प्लेक्स को पुनः सक्रिय करने के लिए बिजली, पानी, सुरक्षा और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाएं भी बहाल करनी होंगी। साथ ही, स्थानीय बेरोजगार युवाओं और छोटे व्यापारियों को प्राथमिकता देते हुए दुकानों का आवंटन किया जाना चाहिए।
कुल मिलाकर, बिथान बाजार का यह मार्केट कॉम्प्लेक्स आज प्रशासनिक लापरवाही और अतिक्रमण की भेंट चढ़ा हुआ है। स्थानीय लोगों की उम्मीदें अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि समय रहते ठोस कदम उठाए गए, तो यह कॉम्प्लेक्स न केवल बाजार की अव्यवस्था दूर कर सकता है, बल्कि बिथान क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का एक मजबूत केंद्र भी बन सकता है।
रिपोर्ट: आकाश कुमार, बिथान समाचार (Bithan Samachar)

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