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| बिथान बाजार में यात्री पड़ाव नहीं होने से सड़क किनारे टोटो पर बैठ कर जाते यात्री । |
बिथान (समस्तीपुर):
कहने को बिथान एक प्रखंड मुख्यालय है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं और यात्री व्यवस्था के पैमाने पर यह आज भी काफी पीछे नजर आता है। बिथान बाजार न केवल प्रखंड मुख्यालय होने के कारण महत्वपूर्ण है, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों, पंचायतों और कस्बों के लोगों के लिए यह प्रमुख व्यापारिक और आवागमन का केंद्र भी है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में लोग बिथान बाजार से होकर सफर करते हैं। दर्जनों ऑटो, रिक्शा, टोटो और बसों का नियमित संचालन होता है, इसके बावजूद आज तक यहां एक भी व्यवस्थित यात्री पड़ाव की व्यवस्था नहीं हो सकी है।
यात्री सुविधाओं के अभाव में बिथान बाजार से बाहर जाने वाले लोगों को सड़क किनारे खड़े होकर ही वाहनों का इंतजार करना पड़ता है। चाहे कड़ाके की ठंड हो, भीषण गर्मी या मूसलाधार बारिश—हर मौसम में यात्रियों को खुले आसमान के नीचे खड़ा रहना मजबूरी बन गया है। कई बार यात्रियों को कुछ मिनट नहीं, बल्कि घंटे भर तक सड़क पर खड़े होकर बस या ऑटो का इंतजार करना पड़ता है। बाजार में यात्री सुविधा के नाम पर हालात लगभग शून्य जैसे बने हुए हैं।
बरसात के दिनों में स्थिति और भी बदतर हो जाती है। बारिश से बचने के लिए यात्री स्थानीय दुकानों के बरामदों, टीन शेड या दुकानों के सामने खड़े हो जाते हैं, जिससे बाजार में अव्यवस्था फैल जाती है। सड़क पर खड़े यात्रियों और रुक-रुक कर रुकने वाले वाहनों के कारण अक्सर जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इसका असर न सिर्फ यात्रियों पर पड़ता है, बल्कि दुकानदारों और आम राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बस के इंतजार में खड़े एक यात्री ने बताया कि बिथान जैसे व्यस्त बाजार में यात्री पड़ाव की सुविधा होना बेहद जरूरी है। यदि एक व्यवस्थित यात्री पड़ाव का निर्माण हो जाए, जहां बैठने की व्यवस्था, शेड, सूचना बोर्ड और सुरक्षित स्थान उपलब्ध हो, तो यात्रियों को सड़क पर खड़े होकर वाहन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इससे बाजार की यातायात व्यवस्था भी काफी हद तक सुचारु हो सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस गंभीर समस्या पर शीघ्र ध्यान देना चाहिए। बिथान बाजार में एक यात्री पड़ाव का निर्माण न केवल यात्रियों को बुनियादी सुविधा देगा, बल्कि बाजार की तस्वीर और यातायात व्यवस्था को भी बेहतर बनाएगा। अब देखना यह है कि संबंधित विभाग इस ओर कब तक ठोस कदम उठाते हैं।
रिपोर्ट: आकाश कुमार, बिथान समाचार (Bithan Samachar)

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