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| बिथान कृषि भवन में ग्रामीणों को अगलगी से बचाव की जानकारी देते अग्निशमन विभाग के अधिकारी। |
बिथान (समस्तीपुर) :
प्रखंड मुख्यालय स्थित कृषि भवन परिसर में शुक्रवार को आपदा प्रबंधन के तहत अगलगी (आग) से बचाव को लेकर एक व्यापक जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों और स्थानीय पदाधिकारियों को आग लगने के कारणों, उससे होने वाली जान-माल की क्षति तथा समय रहते बचाव के उपायों के प्रति सचेत करना था।
कार्यक्रम में अग्निशमन विभाग के अधिकारी अविनाश कुमार ने उपस्थित लोगों को आग लगने के सामान्य कारणों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूजा-पाठ के दौरान अगरबत्ती, मोमबत्ती या हवन की आग जलाकर छोड़ देना, बिजली के उपकरण, मोबाइल फोन या लाइट को चार्जिंग में लगाकर छोड़ देना, तथा बीड़ी-सिगरेट के जले हुए टुकड़ों को इधर-उधर फेंक देना अगलगी के प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा खेत-खलिहान में पराली व खर-पतवार जलाना, घरों में लोकल या चाइनीज कंपनियों के घटिया बिजली उपकरण लगाने से शॉर्ट सर्किट की आशंका बनी रहती है। शादी-विवाह जैसे आयोजनों में पटाखों के अत्यधिक उपयोग से भी आग लगने की घटनाएं सामने आती हैं।
अधिकारी ने आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत 101 नंबर पर अग्निशमन विभाग को सूचना देने की अपील की। उन्होंने बताया कि फूस के घरों में रसोई की दीवारों पर मिट्टी या गोबर का लेप लगाने से आग फैलने का खतरा कम होता है। बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी आग में पानी डालने के बजाय मिट्टी या बालू का उपयोग करना अधिक सुरक्षित होता है। साथ ही प्रमाणिक कंपनियों के बिजली तार, स्विच और होल्डर लगाने, गैस सिलेंडर के पाइप की नियमित जांच करने तथा जलती बीड़ी-सिगरेट को पूरी तरह बुझाकर ही फेंकने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम के दौरान आग लगने की स्थिति में घरों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का मॉक ड्रिल भी कराया गया, जिससे ग्रामीणों को व्यवहारिक अनुभव मिला। मौके पर अग्निशमन विभाग के अधिकारी विनोद मंडल, अनुप कुमार, अग्निक चालक अविनाश कुमार, कृषि पदाधिकारी, कर्मी सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। कार्यक्रम से ग्रामीणों में अगलगी से बचाव को लेकर जागरूकता और सतर्कता का संदेश दिया।
रिपोर्ट: आकाश कुमार, बिथान समाचार,(Bithan Samachar)

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