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| बिथान में कोहरे के कारण कम हुई दृश्यता, अलाव तापते लोग। |
बिथान (समस्तीपुर):
लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने बिथान प्रखंड सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में जनजीवन को पूरी तरह से प्रभावित कर दिया है। बीते कई दिनों से तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, वहीं सुबह और देर शाम तक छाया रहने वाला कोहरा लोगों की दिनचर्या पर भारी पड़ रहा है।
सड़कों पर सन्नाटा, आवागमन में कठिनाई
हालात ऐसे हैं कि सुबह के समय सड़कों पर दृश्यता (Visibility) बेहद कम हो जाती है, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बिथान बाजार, चांदनी चौक, रेलवे स्टेशन रोड और बस स्टैंड जैसे प्रमुख स्थानों पर सुबह से लेकर देर रात तक लोग ठंड से राहत पाने के लिए अलाव का सहारा लेते नजर आ रहे हैं।
सामाजिक सहयोग की मिसाल
प्रखंड के कई स्थानों पर प्रशासन के भरोसे रहने के बजाय स्थानीय लोगों ने खुद ही अलाव की व्यवस्था की है। राहगीर, रिक्शा चालक, मजदूर और दुकानदार एक साथ बैठकर ठंड से बचने की कोशिश करते दिखते हैं, जो सामाजिक सहयोग और आपसी संवेदनशीलता का एक सुंदर उदाहरण पेश करता है।
व्यापार और बाजार पर बुरा असर
बढ़ती ठंड का सीधा असर स्थानीय व्यवसाय पर भी पड़ा है। बाजारों में ग्राहकों की भारी कमी देखी जा रही है। दुकानदार अपनी दुकानों के सामने अलाव जलाकर बैठे रहते हैं, लेकिन कोहरे के कारण आवाजाही कम होने से बिक्री पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। शाम ढलते ही बाजारों में सन्नाटा पसरने लगता है।
किसानों की बढ़ी चिंता
कोहरे का सबसे ज्यादा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है। प्रखंड में सुबह इतना घना कोहरा होता है कि खेतों में काम करना असंभव हो गया है। फसलों पर बढ़ती नमी और ठंड के कारण कीट-पतंगों और बीमारी का खतरा बढ़ गया है, जिससे किसान काफी चिंतित हैं।
धूप की अनुपस्थिति ने बढ़ाई गलन
मौसम की सबसे बड़ी मार धूप का न निकलना है। भगवान भास्कर मानो ठंड बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे—दिनभर में एक बार भी धूप के दर्शन नहीं हो रहे हैं। इससे गलन (S寒冷) और बढ़ गई है और लोग अपने घरों में दुबके रहने को मजबूर हैं।
सावधानी संदेश: भीषण ठंड को देखते हुए बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ख्याल रखें। वाहन चलाते समय हेडलाइट का प्रयोग करें और सावधानी बरतें।
रिपोर्ट: रिपोर्ट: आकाश कुमार, बिथान समाचार (Bithan Samachar)

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