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| बिथान के एक विद्यालय में वीर बाल दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल छात्र-छात्राएं। |
बिथान (समस्तीपुर) :
प्रखंड क्षेत्र के सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में शुक्रवार को वीर बाल दिवस श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मध्य विद्यालय बिथान, उत्क्रमित कन्या मध्य विद्यालय बिथान सहित क्षेत्र के सभी स्कूलों में विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को सिख इतिहास की गौरवशाली परंपरा से अवगत कराना तथा उनके भीतर नैतिक मूल्यों और देशभक्ति की भावना का विकास करना रहा।
विद्यालयों में शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को सिख धर्म के दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह के चारों साहिबजादों की वीरता, त्याग और अटूट आस्था के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। बताया गया कि वीर बाल दिवस खालसा के साहिबजादों के सर्वोच्च बलिदान को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। विशेष रूप से छोटे साहिबजादे जोरावर सिंह और फतेह सिंह ने बहुत कम उम्र में ही अपने धर्म और विश्वास की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया।
इतिहास के अनुसार सरसा नदी के तट पर हुए संघर्ष के बाद दोनों साहिबजादों को मुगल सेना ने बंदी बना लिया था। बाद में उन्हें अमानवीय यातनाएं दी गईं और अंततः जिंदा दीवार में चिनवा दिया गया। यह घटना भारतीय इतिहास में साहस, धर्मनिष्ठा और बलिदान की अमर मिसाल मानी जाती है। शिक्षकों ने छात्रों को बताया कि साहिबजादों का यह बलिदान आज भी हमें सत्य और धर्म के मार्ग पर डटे रहने की प्रेरणा देता है।
वीर बाल दिवस के अवसर पर विद्यालयों में क्विज प्रतियोगिता, निबंध लेखन, भाषण, चित्रकला एवं पेंटिंग जैसी शैक्षणिक और रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों में छात्रों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और साहिबजादों के जीवन से जुड़ी घटनाओं को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में इतिहास के प्रति रुचि और नैतिक मूल्यों की समझ को मजबूत करने का प्रयास किया गया।
कार्यक्रम में मुशहरु पंडित, सिकंदर बिहारी, महेश्वर पंडित, बाल विजय कुमार, राजकिशोर राय, राम पदारथ सिंह, किरण कुमारी, सुनीता कुमारी, अंजूम आरा सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। सभी शिक्षकों ने बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए साहिबजादों के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
रिपोर्ट - Bithan Samachar

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