👉 तय समय-सीमा पर संकट, लोगों की चिंता बढ़ी
बिथान (समस्तीपुर):
हसनपुर–सकरी नई रेल लाइन परियोजना के तहत बिथान से कुशेश्वरस्थान तक प्रस्तावित रेलखंड का निर्माण कार्य एक बार फिर धीमी गति से चल रहा है। यह रेल परियोजना क्षेत्र के विकास, आवागमन और आर्थिक गतिविधियों के लिहाज से अत्यंत महत्त्वपूर्ण मानी जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्य की सुस्ती ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि यदि कार्य में जल्द तेजी नहीं लाई गई, तो तय समय-सीमा में परियोजना का पूरा होना मुश्किल हो जाएगा।
दूरी बढ़ने से बढ़ी चुनौती
प्रारंभिक योजना के अनुसार बिथान से कुशेश्वरस्थान तक इस रेलखंड की दूरी लगभग 9 किलोमीटर निर्धारित की गई थी। बाद में तकनीकी कारणों से रेलवे को अलाइनमेंट में बदलाव करना पड़ा, जिसके बाद अब यह दूरी बढ़कर करीब 11 किलोमीटर हो गई है। नया अलाइनमेंट रेलवे द्वारा स्वीकृत भी किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कार्य जिस गति से आगे बढ़ना चाहिए था, वह देखने को नहीं मिल रहा है।
कौराही हॉल्ट और कुशेश्वरस्थान स्टेशन का प्रस्ताव
इस रेलखंड में कौराही हॉल्ट के निर्माण और कुशेश्वरस्थान स्टेशन के विकास की योजना भी शामिल है। इससे आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को सीधा लाभ मिलना है। कुछ महीने पहले सांसद राजेश वर्मा के प्रयासों से निर्माण कार्य में थोड़ी तेजी जरूर आई थी, जिससे लोगों में उम्मीद जगी थी। हालांकि, यह तेजी ज्यादा समय तक कायम नहीं रह सकी और कार्य फिर से धीमी रफ्तार में लौट आया।
24 अप्रैल 2025 से शुरू हुआ था रेल परिचालन
स्थानीय लोग बताते हैं कि युवाओं के लगातार प्रयास तथा सांसद राजेश वर्मा की सक्रिय भूमिका के कारण ही 24 अप्रैल 2025 को बिथान से रेल परिचालन शुरू हो सका था। इसे क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना गया था। लोगों का कहना है कि यह सराहनीय कदम जरूर था, लेकिन केवल परिचालन शुरू होना ही पर्याप्त नहीं है। जब तक पूरी रेल लाइन का निर्माण समय पर पूरा नहीं होता, तब तक क्षेत्र को इस परियोजना का पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा।
31 मार्च 2027 की डेडलाइन पर सवाल
रेलवे ने इस परियोजना को पूरा करने के लिए 31 मार्च 2027 की समय-सीमा तय कर रखी है। लेकिन वर्तमान स्थिति को देखकर स्थानीय लोगों में आशंका बढ़ती जा रही है कि क्या इस अवधि में काम पूरा हो पाएगा। बिथान बाजार के व्यवसायियों और आम नागरिकों का कहना है कि जिस तेजी और तत्परता से बिथान से हसनपुर की ओर रेल लाइन का कार्य पूरा किया गया था, वैसी गंभीरता इस खंड में नजर नहीं आ रही है।
कुछ स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा,“
अगर इसी रफ्तार से काम चलता रहा, तो केवल 11 किलोमीटर रेल लाइन बनने में ही कई साल लग जाएंगे।”
रेलवे के प्रति बढ़ती नाराज़गी
बाजार और ग्रामीण इलाकों में रेलवे प्रशासन के प्रति नाराज़गी साफ झलक रही है। लोगों का कहना है कि हर बार निर्माण कार्य में तेजी लाने के लिए उन्हें आवाज़ उठानी पड़ती है।
स्थानीय नागरिकों का सवाल है कि“
आखिर क्यों जनता के दबाव के बिना काम अपने आप रफ्तार नहीं पकड़ता?”
फिर सांसद से जुड़ी उम्मीदें
अब एक बार फिर लोगों की उम्मीदें सांसद राजेश वर्मा से जुड़ गई हैं। स्थानीय नागरिकों को भरोसा है कि वे इस मुद्दे को फिर से मजबूती के साथ उठाएंगे और रेलवे प्रशासन से निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग करेंगे। लोगों का मानना है कि यदि ठोस पहल नहीं हुई, तो यह महत्त्वपूर्ण रेल परियोजना तय समय-सीमा में पूरी नहीं हो पाएगी।
बिथान के लोगों का कहना है कि बिथान–कुशेश्वरस्थान रेलखंड केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि पूरे इलाके के विकास की रीढ़ है। ऐसे में इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना समय की मांग है।
रिपोर्ट - बिथान संवाददाता
