सिरसिया ढाला के पास करेह नदी पर बना रेलवे पुल, जिसके समीप पुल निर्माण की मांग वर्षों से लंबित है।
👉 पुल बने तो खुलेगा विकास का नया रास्ता
बिथान:
प्रखंड क्षेत्र के सिरसिया ढाला से छेछनी गांव को जोड़ने के लिए करेह नदी पर बड़े पुल के निर्माण की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। करांची के समीप सिरसिया ढाला के पास करेह नदी पर छेछनी ढाला की ओर पुल का निर्माण क्षेत्रवासियों की वर्षों पुरानी जरूरत रही है, लेकिन अब तक यह सपना साकार नहीं हो सका है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस स्थान पर पुल का निर्माण हो जाता है, तो बिथान मुख्यालय से छेछनी, नरपा, सलहा चंदन, सलहा बुजुर्ग और बेलसंडी समेत कई पंचायतों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में इन गांवों के लोगों को बिथान बाजार, अस्पताल या प्रखंड मुख्यालय पहुंचने के लिए 10 से 15 किलोमीटर तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है।
ग्रामीणों ने बताया कि करेह नदी पर पुल निर्माण अब समय की मांग बन चुका है। पुल के अभाव में आवागमन बाधित है और इसका सीधा असर बिथान बाजार की व्यापारिक गतिविधियों पर भी पड़ रहा है। दूरी अधिक होने के कारण लोग बिथान के बजाय आसपास के अन्य बाजारों का रुख कर रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यापार प्रभावित हो रहा है।
किसानों और व्यापारी वर्ग का मानना है कि पुल बनते ही आवागमन सुगम होगा और बिथान बाजार की रौनक बढ़ेगी। वर्तमान स्थिति यह है कि कई ग्रामीण, खासकर साइकिल सवार और पैदल यात्री, आज भी नाव के सहारे करेह नदी पार करने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि लंबा घूमकर जाना न तो सुरक्षित है और न ही व्यावहारिक, इसलिए सिरसिया ढाला से छेछनी की ओर जाने वाला यही मार्ग उनका सबसे छोटा और आवश्यक रास्ता है।
निर्माण होने से बिथान प्रखंड की कम से कम पांच पंचायतों और दर्जनों गांवों का सीधा संपर्क स्थापित होगा। इससे इलाज, सरकारी कार्य और बाजार आने-जाने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। स्थानीय लोगों ने विधायक राजकुमार राय से इस मुद्दे पर स्वतः संज्ञान लेकर पहल करने की अपील की है। वहीं युवाओं का कहना है कि वे शीघ्र ही विधायक को मांग पत्र सौंपकर पुल निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग करेंगे।
रिपोर्ट - बिथान संवाददाता
