आंगनबाड़ी केंद्र की प्रतिकात्मक चित्र
बिथान प्रखंड में कई आंगनवाड़ी केंद्र आज भी बिना भवन, किराये के मकानों में संचालन से सेवाएं प्रभावित
बिथान ( समस्तीपुर) :
बिथान प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न पंचायतों में संचालित कई आंगनवाड़ी केंद्र आज भी अपने स्थायी भवन से वंचित हैं। भवन के अभाव में ये केंद्र वर्षों से किराये के मकानों में संचालित हो रहे हैं, जिससे केंद्रों पर मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं के संचालन में लगातार परेशानियां सामने आ रही हैं। आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री महिलाओं को पोषण, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा और स्वास्थ्य संबंधी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, लेकिन समुचित भवन न होने से इन सेवाओं की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए भवन निर्माण की बातें लंबे समय से की जा रही हैं, पर अब तक जमीनी स्तर पर कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। किराये के मकानों में संचालित केंद्रों में जगह की कमी, बच्चों के खेलने व बैठने की उचित व्यवस्था का अभाव तथा साफ-सफाई जैसी समस्याएं बनी रहती हैं। इससे न केवल बच्चों को असुविधा होती है, बल्कि केंद्र संचिकाओं को भी कार्य करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों ने बताया कि निजी स्तर पर चल रहे प्ले स्कूलों की तरह यदि सरकारी आंगनवाड़ी केंद्रों को भी स्थायी भवन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो ये केंद्र कहीं अधिक व्यवस्थित और प्रभावी रूप से संचालित हो सकते हैं। उनका मानना है कि अपना भवन होने से बच्चों को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण मिलेगा, जिससे उनके शारीरिक व मानसिक विकास में भी मदद मिलेगी।
इस संबंध में ग्रामीणों ने विभाग से मांग की है कि बिथान प्रखंड के सभी आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए शीघ्र स्थायी भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाए। वहीं, बीडीओ बिथान से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि वर्तमान में आंगनवाड़ी केंद्रों का भवन निर्माण विभाग द्वारा कराया जाता है और इस संबंध में विभाग को सूचना दी जाएगी।
ग्रामीणों ने अपेक्षा जताई है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई की जाए, ताकि आंगनवाड़ी सेवाएं वास्तव में जरूरतमंदों तक सुचारू रूप से पहुंच सकें।
रिपोर्ट- बिथान समाचार संवाददाता
